जंगल पुकारे मुझे बचा लो।
जेसीबी से जंगल कट रहे , रोक सको तो रोक लो ।
कल का हाल बुरा होने वाला है, ये बात सबके मन में ठोक लो ।।
कोयल ,मोर कबूतर रोवे, रो रहा है जंगली शेर।
ऐसे ही कटते रहे जंगल, तो सभी को होना है ढेर।।
जंगल में हड़ताल है , लेकिन मानव कब जागेगा ।
देर हो चुकी होगी , फिर जंगल बचाने भागेगा ।।
आज जिसको जी रहे , कल ना मिलेगा मौका।
आने वाली पीढ़ी को हम, सब दे रहे हैं धोखा ।।
आज विकास के नाम पर , प्रकृति का परिहास किया।।
जन्म मिला है लेकिन ,हमने इसको पूरा नहीं जीया।।
समय है उठ खड़ा हो ओर ,जंगल को बचाने कब आओगे।
पूछेंगे आपके बच्चे फिर ,उनसे आंख न मिला पाओगे ।।
प्रतिज्ञा लो कि पेड़ ना काटेंगे, और काटने वाले को टोकेंगे ।
हर हाल में किसी भी खुशी के मौके पर, एक पौधा जरूर रोपेंगे ।।

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